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धर्मशाला पहुंचे राहुल गांधी, तीन राज्यों के जिला अध्यक्षों को देंगे प्रशिक्षण

धर्मशाला पहुंचे राहुल गांधी, तीन राज्यों के जिला अध्यक्षों को देंगे प्रशिक्षण
कांगड़ा में संगठन मजबूती और चुनाव रणनीति पर होगी अहम चर्चा
सुरक्षा के कड़े इंतजाम, दिनभर के कार्यक्रम के बाद दिल्ली वापसी

परका्रम चंद



कांगड़ा जिला एक बार फिर राष्ट्रीय राजनीति का केंद्र बन गया है, जहां कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और नेता विपक्ष राहुल गांधी अपने अहम दौरे पर धर्मशाला पहुंच चुके हैं। यह दौरा संगठनात्मक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यहां तीन राज्यों के जिला कांग्रेस अध्यक्षों के लिए आयोजित विशेष प्रशिक्षण शिविर में वे सीधे संवाद करेंगे।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार राहुल गांधी सुबह दिल्ली से इंडिगो की फ्लाइट के जरिए धर्मशाला एयरपोर्ट पहुंचे। आगमन के बाद वे सीधे यात्री निवास पहुंचे, जहां से उनका दिनभर का राजनीतिक कार्यक्रम संचालित होना है।

सुबह 9 बजे से दोपहर 2:15 बजे तक वे जिला कांग्रेस कमेटी (DCC) के प्रशिक्षण सत्र में भाग लेंगे। इस दौरान वे संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने, कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और आगामी चुनावों के मद्देनजर रणनीति पर विस्तार से चर्चा करेंगे।

इस प्रशिक्षण शिविर में तीन अलग-अलग राज्यों के जिला अध्यक्ष शामिल हो रहे हैं, जिन्हें पार्टी के मूल सिद्धांतों, जनसंपर्क रणनीति और सरकार की नीतियों को प्रभावी ढंग से जनता तक पहुंचाने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह शिविर आगामी चुनावों की तैयारी का अहम हिस्सा है, जिसमें संगठन को नई दिशा देने की कोशिश की जा रही है।

राहुल गांधी के इस दौरे को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को भी उच्च स्तर पर रखा गया है। दिल्ली पुलिस, स्थानीय पुलिस और एएसएल टीमें लगातार निगरानी में जुटी हुई हैं। एयरपोर्ट से लेकर कार्यक्रम स्थल तक हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है, ताकि दौरा पूरी तरह सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सके।

दिनभर के व्यस्त कार्यक्रम के बाद राहुल गांधी दोपहर 2:20 बजे यात्री निवास से रवाना होंगे और 3:15 बजे कांगड़ा एयरपोर्ट से स्पाइसजेट की फ्लाइट के जरिए दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगे। शाम 4:35 बजे तक उनके राजधानी पहुंचने की संभावना है। इस दौरे को लेकर राजनीतिक गलियारों में खासा उत्साह देखा जा रहा है और इसे आने वाले चुनावों से पहले संगठनात्मक मजबूती की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।